कहींपरज़ुल्मकेशो'लेकहींपरख़ुद-परस्तीहै
चमनकीआबरूख़तरेमेंहैयेबातसच्चीहै
वोघोलाज़हरनफ़रतकासियासतनेफ़ज़ाओंमें
गुलोंकीआँखसेशबनमलहूबनकरटपकतीहै
बग़ावतपरअगरहमलोगउतरआएतोक्याहोगा
अभीतोहमनेरस्सीसब्रकीयेथामरक्खीहै
वहाँइंसाफ़कीउम्मीदलेकरजारहेहोतुम
जहाँक़ानूननेआँखोंसेपट्टीबाँधरक्खीहै
तड़पताहूँबिछड़करआपसेकुछइसतरह'जौहर'
बिनापानीकेजैसेरेतपेमछलीतड़पतीहै