बारिशकेघनघोरहवालेगिनतारहताहूँ
लम्हालम्हाबादलकालेगिनतारहताहूँ
सदियाँगुज़रींख़्वाबोंकोआँखोंमेंआए
पलकोंपरमकड़ीकेजालेगिनतारहताहूँ
ऊपरवालामंज़िलमुझकोदिखलाताहै
औरमैंअपनेपैरकेछालेगिनतारहताहूँ
तारीकीकीलाशेंगिननाकितनामुश्किलहै
दिनकेआदम-ख़ोरउजालेगिनतारहताहूँ
मेरीछाँवकेटुकड़ेखाताजाताहैसूरज
मैंआँगनमेंबैठनिवालेगिनतारहताहूँ
पानीकितनाऊपरहोतोडूबूँगामैं
कितनेपत्थरअबतकडालेगिनतारहताहूँ
दुनियातारेगिनतेगिनतेसोतीहैयार
मैंबे-चाराचाँदकेहालेगिनतारहताहूँ