ghar se baahar nikal ke dekh zaraa | घर से बाहर निकल के देख ज़रा

  - Ali Asghar
घरसेबाहरनिकलकेदेखज़रा
कौनसहरामेंदेगयाहैसदा
मैंनेजबउसकीख़ैरियतपूछी
उसनेबातोंमेंमुझकोटालदिया
कितनेपंखेलगादिएछतमें
फिरभीगर्मीकाज़ोरकमहुआ
ऊँचीऊँचीइमारतोंमेंकहाँ
जोसुकूँदिलकोझोंपड़ेमेंमिला
साथचलतेहैंलोगपलदोपल
तयहुआहैहरइकसफ़रतन्हा
केजंगलमेंचैनसेरहिए
रातइकभेड़ियापुकारगया
हैदराबादमें‘अली-असग़र'
एकमेलासामक़बरोंपेलगा
  - Ali Asghar
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