काटीहैग़मकीरातबड़ेएहतिरामसे
अक्सरबुझादियाहैचराग़ोंकोशामसे
रौशनहैअपनीबज़्मऔरइसएहतिमामसे
कुछदिलभीजलरहाहैचराग़ोंकेनामसे
मुद्दतहुईहैख़ून-ए-तमन्नाकिएमगर
अबतकटपकरहाहैलहूदिलकेजामसे
सुब्ह-ए-बहारहमकोबुलातीरहीमगर
हमखेलतेरहेकिसीज़ुल्फ़ोंकीशामसे
हरसाँसपरहैमौतकापहरालगाहुआ
आहिस्ताऐहयातगुज़रइसमक़ामसे
काटीतमामउम्रफ़रेब-ए-बहारमें
काँटेसमेटतेरहेफूलोंकेनामसे
येऔरबातहैकि'अली'हमनसुनसके
आवाज़उसनेदीहैहमेंहरमक़ामसे