vo ki har ahad-e-mohabbat se mukarta jaa.e | वो कि हर अहद-ए-मोहब्बत से मुकरता जाए

  - Alamtaab Tishna
वोकिहरअहद-ए-मोहब्बतसेमुकरताजाए
दिलवोज़ालिमकिउसीशख़्सपेमरताजाए
मेरेपहलूमेंवोआयाभीतोख़ुश्बूकीतरह
मैंउसेजितनासमेटूँवोबिखरताजाए
खुलतेजाएँजोतिरेबंद-ए-क़बाज़ुल्फ़केसाथ
रंग-ए-पैराहन-ए-शबऔरनिखरताजाए
इश्क़कीनर्म-निगाहीसेहिनाहोंरुख़्सार
हुस्नवोहुस्नजोदेखेसेनिखरताजाए
क्यूँँहमउसकोदिल-ओ-जानसेचाहें'तिश्ना'
वोजोइकदुश्मन-ए-जाँप्यारभीकरताजाए
  - Alamtaab Tishna
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