aseer-e-dasht-e-bala ka na maajra kehna | असीर-ए-दश्त-ए-बला का न माजरा कहना

  - Alamtaab Tishna
असीर-ए-दश्त-ए-बलाकामाजराकहना
तमामपूछनेवालोंकोबसदु'आकहना
येकहनारातगुज़रतीहैअबभीआँखोंमें
तुम्हारीयादकाक़ाएमहैसिलसिलाकहना
येकहनाअबभीसुलगताहैजिस्मकाचंदन
तुम्हाराक़ुर्बथाइकशोला-ए-हिनाकहना
येकहनाचाँदउतरताहैबामपरअबभी
मगरनहींवोशब-ए-माहकामज़ाकहना
येकहनामसनद-ए-शाख़-ए-नुमूपेथाजोकभी
वोफूलसूरत-ए-ख़ुश्बूबिखरगयाकहना
येकहनाक़र्या-ए-जाँमेंहैंदम-ब-ख़ुदसबलोग
तमामशहरहुआमक़्तल-ए-नवाकहना
येकहनाहसरततामीरअबभीहैदिलमें
बनालियाहैमकाँतोमकाँ-नुमाकहना
येकहनाहमनेहीतूफ़ाँमेंडालदीकश्ती
क़ुसूरअपनाहैदरियाकोक्याबुराकहना
येकहनाहोगएहमइतनेमस्लहत-अंदेश
चलेजोलूतोउसेअभीख़ुनुकहवाकहना
येकहनाहारमानीकभीअँधेरोंसे
बुझेचराग़तोदिलकोजलालियाकहना
येकहनातुमसेबिछड़करबिखरगया'तिश्ना'
किजैसेहाथसेगिरजाएआईनाकहना
  - Alamtaab Tishna
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