दर्दकीइकलहरबलखातीहैयूँँदिलकेक़रीब
मौज-ए-सर-गश्ताउठेजिसतरहसाहिलकेक़रीब
मा-सिवा-ए-कार-ए-आह-ओ-अश्कक्याहैइश्क़में
हैसवाद-ए-आब-ओ-आतिशदीदा-ओ-दिलकेक़रीब
दर्दमेंडूबीहुईआतीहैआवाज़-ए-जरस
गिर्या-ए-गुम-गश्तगीसुनताहूँमंज़िलकेक़रीब
आरज़ूनायाफ़्तकीहैसिलसिला-दर-सिलसिला
हैनुमूद-ए-कर्ब-ए-ला-हासिलभीहासिलकेक़रीब
कुछतोऐनज़्ज़ारगान-ए-ऐश-ए-साहिलबोलिए
कश्तियाँकितनीहुईंग़र्क़ाबसाहिलकेक़रीब
हैअभीवामांदगीकोइकसफ़रदरपेशऔर
हैअभीउफ़्ताद-ए-मंज़िलऔरमंज़िलकेक़रीब
रंग-ए-हसरतकातमाशादेखनाथागरतुम्हें
रक़्स-ए-आख़िरदेखतेतुमआकेबिस्मिलकेक़रीब
हैंवोसब'तिश्ना'सर-ए-मंज़िलअमीर-ए-कारवाँ
जोमिलेथेकारवाँसेआकेमंज़िलकेक़रीब