ahad-e-wafaa ka qarz ada kar diya gaya | अहद-ए-वफ़ा का क़र्ज़ अदा कर दिया गया

  - Akhtar Ziai
अहद-ए-वफ़ाकाक़र्ज़अदाकरदियागया
महरूमियोंकादर्दअताकरदियागया
फूलोंकेदाग़-हा-ए-फ़रोज़ाँकोदेखकर
अर्ज़ांकुछऔररंग-ए-हिनाकरदियागया
वारफ़्तगान-ए-शौक़काशिकवासुनेबग़ैर
गुलशनसुपुर्द-ए-अहल-ए-जफ़ाकरदियागया
दिलसेउमंगलबसेदु'आछीनलीगई
कहनेकोक़ैदियोंकोरिहाकरदियागया
यक-दो-नफ़सभीकार-ए-ज़ियाँहमकरसके
ख़ुशबूकोपैरहनसेजुदाकरदियागया
माँगीथीआफ़ियतकीदु'आआगहीकाग़म
पहलेसेभीकुछऔरसिवाकरदियागया
'अख़्तर'हवस-गरान-ए-अक़ीदतकेफ़ैज़से
सबकुछरवाब-नाम-ए-ख़ुदाकरदियागया
  - Akhtar Ziai
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