barq se aashiyaan ka rishta hai | बर्क़ से आशियाँ का रिश्ता है

  - Akhtar Ziai
बर्क़सेआशियाँकारिश्ताहै
अर्शसेख़ाक-दाँकारिश्ताहै
मेरेअफ़साना-ए-मुहब्बतसे
आपकीदास्ताँकारिश्ताहै
आज-कलहमजुनूँ-पसंदोंसे
हरनएइम्तिहाँकारिश्ताहै
अहल-ए-गुलशनकीख़स्ता-हालीसे
साज़िश-ए-बाग़बाँकारिश्ताहै
आपमुख़्तारऔरहममजबूर
सोचिएतोकहाँकारिश्ताहै
शैख़साहबकाहूर-ओ-ग़िल्माँसे
सिर्फ़वहम-ओ-गुमाँकारिश्ताहै
उनका'अख़्तर'सेयूँँतअ'ल्लुक़है
जिसतरहजिस्म-ओ-जाँकारिश्ताहै
  - Akhtar Ziai
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