nikhat-e-zulf se neendon ko basa de aa kar | निकहत-ए-ज़ुल्फ़ से नींदों को बसा दे आ कर

  - Akhtar Shirani
निकहत-ए-ज़ुल्फ़सेनींदोंकोबसादेकर
मेरीजागीहुईरातोंकोसुलादेकर
फ़िक्र-ए-फ़र्दाग़म-ए-दोशभुलादेकर
फिरउसीनाज़सेदीवानाबनादेकर
इश्क़कोनग़्मा-ए-उम्मीदसुनादेकर
दिलकीसोईहुईक़िस्मतकोजगादेकर
किसक़दरतीरातारीकहैदुनिया-ए-हयात
जल्वा-ए-हुस्नसेइकशम्अजलादेकर
इश्क़कीचाँदनीरातेंमुझेयादआतीहैं
उम्र-ए-रफ़्ताकोमिरीमुझसेमिलादेकर
ज़िंदगीबनकेमिरेदिलमेंसमाजासलमा
मौतइकपर्दाहैयेपर्दाउठादेकर
आगसीदिलमेंलगाजाताहैतेराहरख़त
मिरेख़िर्मन-ए-हस्तीकोजलादेकर
तेरीफ़ुर्क़तमेंमिरेशे'रहैंकितनेग़मगीं
मुस्कुरातीहुईनज़रोंसेहँसादेकर
फिरवहीहमहोंवहीदिनहोंवहीरातेंहों
अहद-ए-रफ़्ताकोफिरआईनादिखादेकर
शौक़-ए-नादीदामेंलज़्ज़तहैमगरनाज़नहीं
मिरेइश्क़कोमग़रूरबनादेकर
शब-ए-फ़ुर्क़तपेमिरीहँसतेहैंख़ंदा-ए-नूर
मेरेक़दमोंपेसितारोंकोगिरादेकर
तिश्ना-ए-हुस्नहूँसाक़ी-ए-मय-ख़ाना-ए-हुस्न
अपनेहोंटोंसेफिरइकजामपिलादेकर
कबतलकरौनक़-ए-शाम-ए-अवधमाह-ए-रवाँ
शाम-ए-लाहौरकोभीसुब्हबनादेकर
होचुकीसैर-ए-बहाराँ-कदा-ए-क़ैसर-बाग़
बाग़-ए-लारेंसमेंभीफूलखिलादेकर
गोमतीदेखचुकीजल्वा-ए-आरिज़कीबहार
सतह-ए-रावीकोभीआईनाबनादेकर
तेरारूमाननयाख़्वाबहै'अख़्तर'केलिए
औरइसख़्वाबकीता'बीरबतादेकर
  - Akhtar Shirani
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