na bhool kar bhi tamannaa-e-rang-o-boo karte | न भूल कर भी तमन्ना-ए-रंग-ओ-बू करते

  - Akhtar Shirani
भूलकरभीतमन्ना-ए-रंग-ओ-बूकरते
चमनकेफूलअगरतेरीआरज़ूकरते
जनाब-ए-शैख़पहुँचजातेहौज़-ए-कौसरतक
अगरशराबसेमय-ख़ानेमेंवज़ूकरते
मसर्रतआहतूबस्तीहैकिनसितारोंमें
ज़मींपेउम्रहुईतेरीजुस्तुजूकरते
अयाग़-ए-बादामेंकरवोख़ुदछलकपड़ता
गरउसकेमस्तज़राऔरहावहूँकरते
उन्हेंमफ़रथाइक़रार-ए-इश्क़सेलेकिन
हयाकोज़िदथीकिवोपास-ए-आबरूकरते
पुकारउठतावोकरदिलोंकीधड़कनमें
हमअपनेसीनेमेंगरउसकीजुस्तुजूकरते
ग़म-ए-ज़मानानेमजबूरकरदियावर्ना
येआरज़ूथीकिबसतेरीआरज़ूकरते
गिराँथासाक़ी-ए-दौराँपेएकसाग़रभी
तोकिसउमीदपेहमख़्वाहिश-ए-सुबूकरते
जुनून-ए-इश्क़कीतासीरतोयेथी'अख़्तर'
किहमनहींवोख़ुदइज़हार-ए-आरज़ूकरते
  - Akhtar Shirani
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