mujhe apni pasti ki sharm hai tiri rifa'aton ka khayal hai | मुझे अपनी पस्ती की शर्म है तिरी रिफ़अ'तों का ख़याल है

  - Akhtar Shirani
मुझेअपनीपस्तीकीशर्महैतिरीरिफ़अ'तोंकाख़यालहै
मगरअपनेदिलकोमैंक्याकरूँँउसेफिरभीशौक़-ए-विसालहै
इसअदासकौनयेजल्वा-गरसर-ए-बज़्म-ए-हुस्न-ए-ख़्यालहै
जोनफ़सहैमस्त-ए-बहारहैजोनज़रहैग़र्क़-ए-जमालहै
उन्हेंज़िदहैअर्ज़-ए-विसालसेमुझेशौक़-ए-अर्ज़-ए-विसालहै
वहीअबभीउनकाजवाबहैवहीअबभीमेरासवालहै
तिरीयादमेंहुआजबसेगुमतिरेगुम-शुदाकायेहालहै
किदूरहैक़रीबहैफ़िराक़हैविसालहै
तिरीबज़्म-ए-ख़लवत-ए-ला-मकाँतिराआस्ताँमह-ओ-कहकशाँ
मगरसितारा-ए-आरज़ूमुझेआरज़ू-ए-विसालहै
मैंवतनमेंरहकेभीबे-वतनकिनहींहैएकभीहम-सुख़न
हैकोईशरीक-ए-ग़म-ओ-मेहनतोवोइकनसीम-ए-शुमालहै
मैंबताऊँवाइज़-ए-ख़ुश-नवाहैजहान-ओ-ख़ुल्दमेंफ़र्क़क्या
येअगरफ़रेब-ए-ख़यालहैवोफ़रेब-ए-हुस्न-ए-ख़यालहै
यहीदाद-ए-क़िस्सा-ए-ग़ममिलीकिनज़रउठीज़बाँमिली
फ़क़तइकतबस्सुम-ए-शर्मगींमिरीबे-कसीकामआलहै
वोख़ुशीनहींहैवोदिलनहींमगरउनकासायासाहम-नशीं
फ़क़तएकग़म-ज़दायादहैफ़क़तइकफ़सुर्दाख़यालहै
कहींकिससे'अख़्तर'-ए-बे-नवाहमेंबज़्म-ए-दहरसक्यामिला
वहीएकसाग़र-ए-ज़हर-ए-ग़मजोहरीफ़-ए-नोश-ए-कमालहै
  - Akhtar Shirani
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy