la pila saaqi sharaab-e-arghwaani phir kahaan | ला पिला साक़ी शराब-ए-अर्ग़वानी फिर कहाँ

  - Akhtar Shirani
लापिलासाक़ीशराब-ए-अर्ग़वानीफिरकहाँ
ज़िंदगानीफिरकहाँनादाँजवानीफिरकहाँ
दोघड़ीमिलबैठनेकोभीग़नीमतजानिए
उम्रफ़ानीहीसहीयेउम्र-ए-फ़ानीफिरकहाँ
किहमभीइकतरानाझूमकरगातेचलें
इसचमनकेताएरोंकीहम-ज़बानीफिरकहाँ
हैज़मानाइश्क़-ए-सलमामेंगँवादेज़िंदगी
येज़मानाफिरकहाँयेज़िंदगानीफिरकहाँ
एकहीबस्तीमेंहैंआसाँहैमिलनामिलो
क्याख़बरलेजाएदौर-ए-आसमानीफिरकहाँ
फ़स्ल-ए-गुलजानेकोहैदौर-ए-ख़िज़ाँआनेकोहै
येचमनयेबुलबुलेंयेनग़्मा-ख़्वानीफिरकहाँ
फूलचुनजीखोलकरऐश-ओ-तरबकेफूलचुन
मौसम-ए-गुलफिरकहाँफस्ल-ए-जवानीफिरकहाँ
आख़िरीरातगईजीभरकेमिललेंआजतो
तुमसेमिलनेदेगादौर-ए-आसमानीफिरकहाँ
आजआएहोतोसुनतेजाओयेताज़ाग़ज़ल
वर्ना'अख़्तर'फिरकहाँयेशेर-ख़्वानीफिरकहाँ
  - Akhtar Shirani
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