सैर-गाह-ए-दुनियाकाहासिल-ए-तमाशाक्या
रंग-ओ-निकहत-ए-गुलपरअपनाथाइजाराक्या
खेलहैमोहब्बतमेंजानओदिलकासौदाक्या
देखिएदिखातीहैअबयेज़िंदगीक्याक्या
जबभीजीउमडआयारोलिएघड़ीभरको
आँसुओंकीबारिशसेमौसमोंकारिश्ताक्या
कबसर-ए-नज़ाराथाहमकोबज़्म-ए-आलमका
यूँँभीदेखकरतुमकोऔरदेखनाथाक्या
दर्दबे-दवाअपनाबख़्तना-रसाअपना
ऐनिगाह-ए-बे-परवातुझसेहमकोशिकवाक्या
बे-सवालआँखोंसेमुँहछुपारहेहोक्यूँँ
मेरीचश्म-ए-हैराँमेंहैकोईतक़ाज़ाक्या
हालहैनमाज़ीहैवक़्तकातसलसुलहै
रातकाअँधेराक्यासुब्हकाउजालाक्या
जोहैजीमेंकहदीजेउनकेरू-ब-रू'अख़्तर'
अर्ज़-ए-हालकीख़ातिरढूँडिएबहानाक्या