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Parwez Akhtar
ye duniya masroof ae insaan se jaada kuchh nahin letii
ye duniya masroof ae insaan se jaada kuchh nahin letii | ये दुनिया मसरूफ ए इंसान से जादा कुछ नहीं लेती
- Parwez Akhtar
ये
दुनिया
मसरूफ
ए
इंसान
से
जादा
कुछ
नहीं
लेती
बस
उनका
वक़्त
ले
लेती
है
और
ज़िंदा
छोड़
देती
है
- Parwez Akhtar
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ये
मोहब्बत
का
फ़साना
भी
बदल
जाएगा
वक़्त
के
साथ
ज़माना
भी
बदल
जाएगा
Waseem Barelvi
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कुछ
इशारा
जो
किया
हम
ने
मुलाक़ात
के
वक़्त
टाल
कर
कहने
लगे
दिन
है
अभी
रात
के
वक़्त
Insha Allah Khan
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किसे
है
वक़्त
मोहब्बत
में
दर-ब-दर
भटके
मैं
उसके
शहर
गया
था
किसी
ज़रूरत
से
Riyaz Tariq
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वक़्त
अपना
बुरा
चल
रहा
इसलिए
सब
सेे
अच्छी
है
मेरी
घडी
की
समझ
Neeraj Neer
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वक़्त
के
पास
हैं
कुछ
तस्वीरें
कोई
डूबा
है
कि
उभरा
देखो
Baqi Siddiqui
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मैंने
जो
कुछ
भी
सोचा
हुआ
है,
मैं
वो
वक़्त
आने
पे
कर
जाऊँगा
तुम
मुझे
ज़हर
लगते
हो
और
मैं
किसी
दिन
तुम्हें
पी
के
मर
जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
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तुम्हारे
ख़त
को
जलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
ये
दिल
बाहर
निकलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
तुम्हारा
फ़ैसला
है
पास
रुकना
या
नहीं
रुकना
मेरी
क़िस्मत
बदलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
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Tanoj Dadhich
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था
इंतिज़ार
मनाएँगे
मिल
के
दीवाली
न
तुम
ही
लौट
के
आए
न
वक़्त-ए-शाम
हुआ
Aanis Moin
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मैं
रोज़
रात
यही
सोच
कर
तो
सोता
हूँ
कि
कल
से
वक़्त
निकालूँगा
ज़िन्दगी
के
लिए
Swapnil Tiwari
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सियाह
रात
नहीं
लेती
नाम
ढलने
का
यही
तो
वक़्त
है
सूरज
तिरे
निकलने
का
Shahryar
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हम
पे
लानत
है
कि
तेरे
पहलू
में
बैठें
हों
अगर
तुझको
देखें
भी
नहीं
और
तुझको
सोचें
भी
नहीं
Parwez Akhtar
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अपने
दर्द
पर
उस
को
हंसता
देखना
है
चले
जितने
भी
दिन
अब
ये
तमाशा
देखना
है
कि
उसका
अक्स
अब
आँखों
में
समा
जाए
ऐसे
कि
उसको
आज
मुझे
इतना
ज़ियादा
देखना
है
अब
'अख़्तर'
का
क़त्ल
उसकी
रज़ा
से
होगा
तो
फिर
आज
मुझे
उसका
इरादा
देखना
है
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Parwez Akhtar
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तू
मुझे
इतना
बता
दे
कि
कहाँ
रहती
है
मैं
वहाँ
से
तेरी
मुस्कुराहट
उठा
कर
लाऊंगा
Parwez Akhtar
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मैं
जिस
ज़मीं
पे
अपने
आँसुओं
को
दफन
करता
था
सुना
है
उसी
ज़मीन
पर
अब
के
बहार
आयेगी
Parwez Akhtar
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सच
बोलने
दे
ज़ालिम
न
कर
ऐसा
सलूक
मुझ
सेे
मेरे
ख़्वाब
सब
हैं
टूटे
कहीं
दिल
टूट
न
जाए
Parwez Akhtar
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