hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Parwez Akhtar
ham to gham par hans diye haan aañkhen hui thii nam
ham to gham par hans diye haan aañkhen hui thii nam | हम तो ग़म पर हंस दिए हाँ आँखें हुई थी नम
- Parwez Akhtar
हम
तो
ग़म
पर
हंस
दिए
हाँ
आँखें
हुई
थी
नम
मौला
शुक्र
है
आँखों
को
सियासत
नहीं
आई
- Parwez Akhtar
Download Sher Image
बख़्शी
हैं
हम
को
इश्क़
ने
वो
जुरअतें
'मजाज़'
डरते
नहीं
सियासत-ए-अहल-ए-जहाँ
से
हम
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
31 Likes
मैं
भूल
चुका
हूँ
कि
ये
वनवास
है
वन
है
इस
वक़्त
मेरे
सामने
सोने
का
हिरन
है
मैं
ध्यान
से
कुछ
सुन
ही
नहीं
पाऊँगा
सरकार
मैं
क्या
ही
बताऊँ
कि
मेरा
ध्यान
मगन
है
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
42 Likes
सजा
दूँ
मांँग
मैं
तेरी
लहू
से
आज
मैं
अपने
बुरा
मानो
अगर
मेरे
न
तुम
सरकार,
होली
में
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
2 Likes
मुल्क
तो
मुल्क
घरों
पर
भी
है
क़ब्ज़ा
उस
का
अब
तो
घर
भी
नहीं
चलते
हैं
सियासत
के
बग़ैर
Zia Zameer
Send
Download Image
21 Likes
मुक़ाबिल
फ़ासलों
से
ही
मोहब्बत
डूब
जाएगी
सुनोगी
झूठी
बातें
तुम
हक़ीक़त
डूब
जाएगी
चलेगी
तब
तलक
जब
तक
तिरी
परछाईं
देखेगी
तिरा
जब
हुस्न
देखेगी
सियासत
डूब
जाएगी
Read Full
Anurag Pandey
Send
Download Image
3 Likes
कितना
दुश्वार
है
जज़्बों
की
तिजारत
करना
एक
ही
शख़्स
से
दो
बार
मोहब्बत
करना
जिस
को
तुम
चाहो
कोई
और
न
चाहे
उस
को
इस
को
कहते
हैं
मोहब्बत
में
सियासत
करना
Read Full
Liaqat Jafri
Send
Download Image
30 Likes
भले
ही
प्यार
हो
या
हिज्र
हो
या
फिर
सियासत
हो
कुछ
ऐसे
दोस्त
थे
हर
बात
पर
अश'आर
कहते
थे
Siddharth Saaz
Send
Download Image
10 Likes
ले
लो
बोसा
अपना
वापस
किस
लिए
तकरार
की
क्या
कोई
जागीर
हम
ने
छीन
ली
सरकार
की
Akbar Merathi
Send
Download Image
22 Likes
हमारे
ख़ौफ़
से
बाज़ार
उछलते
हैं
जहाँ
भर
में
सिसकने
से
हमारे
कौन
सी
सरकार
गिरती
है
Nomaan Shauque
Send
Download Image
17 Likes
इन
से
उम्मीद
न
रख
हैं
ये
सियासत
वाले
ये
किसी
से
भी
मोहब्बत
नहीं
करने
वाले
Nadim Nadeem
Send
Download Image
22 Likes
Read More
मिला
है
क़ैस
मुझे
दश्त
में
तो
पूछता
है
तुझे
भी
दश्त
में
लाई
है
जुस्तजू
तेरी?
Parwez Akhtar
Send
Download Image
7 Likes
तू
मुझे
इतना
बता
दे
कि
कहाँ
रहती
है
मैं
वहाँ
से
तेरी
मुस्कुराहट
उठा
कर
लाऊंगा
Parwez Akhtar
Send
Download Image
1 Like
अब
'अख़्तर'
तुम्हें
कैसे
मनाएं
तुम
हर
बात
पर
ही
बिगड़
रही
हो
अच्छा!
तो
तुम
को
भी
इश्क़
है
मुझ
से
देखो
तुम
सच
मुच
मुझ
से
झगड़
रही
हो
Read Full
Parwez Akhtar
Send
Download Image
0 Likes
मैं
अपनी
दु'आओं
में
असर
ढूँडता
रहा
उस
में
छुपा
जो
ज़र
था
वो
ज़र
ढूँडता
रहा
नाकामियों
में
मैं
ने
गुज़ारी
है
ज़िन्दगी
नाकामियों
में
अपना
हुनर
ढूँडता
रहा
Read Full
Parwez Akhtar
Send
Download Image
0 Likes
जो
कुछ
न
हो
सका
फ़रियाद
कर
के
रोऊँगा
मैं
अपने
आप
को
आबाद
कर
के
रोऊँगा
सभी
ने
मेरी
ख़लिश
से
है
ज़िंदगी
पाई
तो
आज
ख़ुद
को
मैं
नशाद
कर
के
रोऊँगा
रक़ीब
माँग
रहा
था
ख़ुशी
के
पल
मुझ
से
मैं
आज
उसकी
इमदाद
कर
के
रोऊँगा
शगुफ़्तगी
कभी
मेरे
लिए
बनी
ही
नहीं
तो
आज
कर्ब
को
इजाद
कर
के
रोऊँगा
Read Full
Parwez Akhtar
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Jafa Shayari
Attitude Shayari
Shajar Shayari
Doctor Shayari
Khyaal Shayari