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Parwez Akhtar
ab main apne aap ko barbaad hi kar saka hoon
ab main apne aap ko barbaad hi kar saka hoon | अब मैं अपने आप को बर्बाद ही कर सकता हूँ
- Parwez Akhtar
अब
मैं
अपने
आप
को
बर्बाद
ही
कर
सकता
हूँ
सुना
है
जिस
के
जो
बस
में
हो
लोग
वहीं
करते
हैं
- Parwez Akhtar
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उसके
अच्छे
शे'र
नहीं
भाते
हमको
जो
अच्छा
इंसान
नहीं
बन
पाता
है
Tanoj Dadhich
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शरीफ़
इंसान
आख़िर
क्यूँ
इलेक्शन
हार
जाता
है
किताबों
में
तो
ये
लिक्खा
था
रावन
हार
जाता
है
Munawwar Rana
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अलमास
धरे
रह
जाते
हैं
बिकता
है
तो
पत्थर
बिकता
है
अजनास
नहीं
इस
दुनिया
में
इंसाँ
का
मुक़द्दर
बिकता
है
'खालिद
सज्जाद'
सुनार
हूँ
मैं
इस
ग़म
को
ख़ूब
समझता
हूँ
जब
बेटा
छुप
कर
रोता
है
तब
माँ
का
ज़ेवर
बिकता
है
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Khalid Sajjad
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ठहाका
मार
कर
हथियार
हँसते
नहीं
जीतेंगे
अब
इंसान
हम
सेे
Umesh Maurya
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वो
लोग
हम
ही
थे
मुहब्बत
में
जो
फिर
आगे
हुए
वो
लोग
हम
ही
थे
मियाँ
जो
दूर
भागे
जिस्म
से
Kartik tripathi
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लोग
टूट
जाते
हैं
एक
घर
बनाने
में
तुम
तरस
नहीं
खाते
बस्तियाँ
जलाने
में
Bashir Badr
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मिरी
ज़बान
के
मौसम
बदलते
रहते
हैं
मैं
आदमी
हूँ
मिरा
ए'तिबार
मत
करना
Asim Wasti
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मिरे
किरदार
जाने
दे
नज़रअंदाज
कर
दे
ख़ुदा
की
फ़िल्म
है
ये
आदमी
से
क्या
शिकायत
Vikram Sharma
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हर
आदमी
में
होते
हैं
दस
बीस
आदमी
जिस
को
भी
देखना
हो
कई
बार
देखना
Nida Fazli
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सब
की
हिम्मत
नहीं
ज़माने
में
लोग
डरते
हैं
मुस्कुराने
में
एक
लम्हा
भी
ख़र्च
होता
नहीं
मेरी
ख़ुशियों
को
आने
जाने
में
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Vishal Singh Tabish
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जो
कुछ
न
हो
सका
फ़रियाद
कर
के
रोऊँगा
मैं
अपने
आप
को
आबाद
कर
के
रोऊँगा
सभी
ने
मेरी
ख़लिश
से
है
ज़िंदगी
पाई
तो
आज
ख़ुद
को
मैं
नशाद
कर
के
रोऊँगा
रक़ीब
माँग
रहा
था
ख़ुशी
के
पल
मुझ
से
मैं
आज
उसकी
इमदाद
कर
के
रोऊँगा
शगुफ़्तगी
कभी
मेरे
लिए
बनी
ही
नहीं
तो
आज
कर्ब
को
इजाद
कर
के
रोऊँगा
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Parwez Akhtar
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हर
एक
बात
पे
तेरा
रूठ
जाना
ये
इशारा
है
कि
तू
मेरा
है
Parwez Akhtar
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हो
गई
तुम
से
मोहब्बत
क्या
करूँं
तुम
ही
कहो
मैंने
न
जाना
था
मेरी
इतनी
हिम्मत
हो
जाएगी
Parwez Akhtar
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अब
'अख़्तर'
तुम्हें
कैसे
मनाएं
तुम
हर
बात
पर
ही
बिगड़
रही
हो
अच्छा!
तो
तुम
को
भी
इश्क़
है
मुझ
से
देखो
तुम
सच
मुच
मुझ
से
झगड़
रही
हो
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Parwez Akhtar
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मैं
उसके
पास
में
बैठूं
तो
इसका
सबब
पूछता
है
क्या
मैं
अपने
आप
पे
एहसान
कर
नहीं
सकता
?
Parwez Akhtar
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