aah lab tak dil-e-naakaam na aane paa.e | आह लब तक दिल-ए-नाकाम न आने पाए

  - Akhtar Madhupuri
आहलबतकदिल-ए-नाकामआनेपाए
अज़्मत-ए-इश्क़पेइल्ज़ामआनेपाए
हमसेक़ाएमतिरेमयख़ानेकीअज़्मतसाक़ी
औरहमतकहीकोईजामआनेपाए
ज़ेर-ए-तर्तीबहैतारीख़-ए-रिवायात-ए-वतन
हुक्महैइसमेंमिरानामआनेपाए
तेरीआँखोंकेअगरहोंइशारेसाक़ी
जाममेंबादा-ए-गुलफ़ामआनेपाए
मुज़्दाअहल-ए-चमनतोगईसुब्ह-ए-बहार
अबज़रूरतहैकिफिरशामआनेपाए
दिल-शिकनयूँँतोहैअंजाम-ए-मोहब्बतलेकिन
दिलमेंअंदेशा-ए-अंजामआनेपाए
हैतलबगार-ए-मसर्रततोज़बाँपरदोस्त
शिकवा-ए-गर्दिश-ए-अय्यामआनेपाए
पीकेथोड़ीसीबहकजाताहैसाक़ीनेकहा
बज़्ममें‘अख़्तर’-ए-बदनामआनेपाए
  - Akhtar Madhupuri
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