husn waalon ka e'tibaar na kar | हुस्न वालों का ए'तिबार न कर

  - Akhtar Madhupuri
हुस्नवालोंकाए'तिबारकर
ख़ुश-जमालोंकाए'तिबारकर
साज़िश-ए-तीरगीमेंजोहोंशरीक
उनउजालोंकाए'तिबारकर
कबबदलजाएँयेनहींमालूम
हम-ख़यालोंकाए'तिबारकर
राहज़नराहबरकेभेसमेंहैं
उनकीचालोंकाए'तिबारकर
जिनकाउलझासाहरजवाबमिले
उनसवालोंकाए'तिबारकर
जोख़ुदअपनीजगहहोंमज़बूत
उनहवालोंकाए'तिबारकर
उनकेदस्त-ए-हसींकेगूँधेहुए
फूल-मालोंकाए'तिबारकर
कहींगुमराहकरदें'अख़्तर'
नेक-फ़ालोंकाए'तिबारकर
  - Akhtar Madhupuri
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