shahar ka shahar saleebo se saja hai ab ke | शहर का शहर सलीबों से सजा है अब के

  - Akhtar lakhnvi
शहरकाशहरसलीबोंसेसजाहैअबके
उनकीआमदकाहरअंदाज़नयाहैअबके
क़ाफ़िलाक़ाफ़िलामक़्तलकीतरफ़जाएँगेलोग
शोख़पहलेसेबहुतरंग-ए-हिनाहैअबके
येतोसचहैवोइसीराहसेगुज़़रेंगेमगर
कोईदेखेइन्हेंहुक्महुआहैअबके
आओजीभरकेगलेमिललेंरफ़ीक़ोहमआज
क़त्लकीशक्लमेंइनआम-ए-वफ़ाहैअबके
मौसम-ए-गुलतिरेसदक़ेतिरीआमदकेनिसार
देखमुझसेमिरासायाभीजुदाहैअबके
एकक़तरानहींदेतीहैगुज़रजातीहै
जोभीउठतीहैघटाऐसीघटाहैअबके
दोस्तोज़िक्र-ए-रुख़-ए-यारसेग़ाफ़िलरहो
दश्त-ए-ज़ुल्मातमेंमहताबलुटाहैअबके
  - Akhtar lakhnvi
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