dil vo pyaasa hai ki dariyaa ka tamasha dekhe | दिल वो प्यासा है कि दरिया का तमाशा देखे

  - Akhtar Imam Rizvi
दिलवोप्यासाहैकिदरियाकातमाशादेखे
औरफिरलहरदेखेकफ़-ए-दरियादेखे
मैंहरइकहालमेंथागर्दिश-ए-दौराँकाअमीं
जिसनेदुनियानहींदेखीमिराचेहरादेखे
अबभीआतीहैतिरीयादइसकर्बकेसाथ
टूटतीनींदमेंजैसेकोईसपनादेखे
रंगकीआँचमेंजलताहुआख़ुश्बूकाबदन
आँखउसफूलकीतस्वीरमेंक्याक्यादेखे
कोईचोटीनहींअबतोमिरेक़दसेआगे
येज़मानातोअभीऔरभीऊँचादेखे
फिरवहीधुँदमेंलिपटाहुआपैकरहोगा
कौनबे-कारमेंउठताहुआपर्दादेखे
एकएहसास-ए-नदामतसेलरज़उठताहूँ
जबरम-ए-मौजमिरीवुसअ'त-ए-सहरादेखे
  - Akhtar Imam Rizvi
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