ek parda hata ek chehra khula raat dhalne lagii rut badlne lagii | एक पर्दा हटा एक चेहरा खुला रात ढलने लगी रुत बदलने लगी

  - Akhtar Husain Jafri
एकपर्दाहटाएकचेहराखुलारातढलनेलगीरुतबदलनेलगी
चाँदचलताहुआमहरसजामिलारातढलनेलगीरुतबदलनेलगी
दिलसेनिकलालबोंतकसवालगयाअपनेरहनेसेचलकरग़ज़ालगया
बंदरख़्त-ए-सबाबाब-ए-नाफ़ाखुलारातढलनेलगीरुतबदलनेलगी
अपनेअपनेसफ़रपरफरेरेचलेरातकेलश्करीमुँह-अँधेरेचले
पाँवपाँवचलाबे-सिपररास्तारातढलनेलगीरुतबदलनेलगी
शाख़परपत्तियोंकीज़बानेंखुलींनूरकीछाँवमेंफिरदुकानेंखुलीं
ख़्वाबतुलनेलगेग़मतराज़ूहुआरातढलनेलगीरुतबदलनेलगी
तिश्नगीकासिताराज़वालोंमेंहैआजअपनासफ़रअपनेप्यालोंमेंहै
रंगअच्छालगाज़हरमीठालगारातढलनेलगीरुतबदलनेलगी
जम्अ''होनेलगीफ़स्लसदमातकीपत्थरोंपरमिलींचूड़ियाँहातकी
एकफ़र्द-ए-सज़ाएकनौहामिलारातढलनेलगीरुतबदलनेलगी
सत्र-ए-मा'तूबपरउज़्र-ख़्वाहीथीमेरेख़तपरकिसीकीगवाहीथी
फ़ैसलाजोहुआआख़िर-ए-शबहुआरातढलनेलगीरुतबदलनेलगी
  - Akhtar Husain Jafri
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