zameen par hi rahe aasmaañ ke hote hue | ज़मीन पर ही रहे आसमाँ के होते हुए

  - Akhtar Hoshiyarpuri
ज़मीनपरहीरहेआसमाँकेहोतेहुए
कहींघरसेगएकारवाँकेहोतेहुए
मैंकिसकानामलूँऔरनामलूँकिसका
हज़ारोंफूलखिलेथेख़िज़ाँकेहोतेहुए
बदनकिजैसेहवाओंकीज़दमेंकोईचराग़
येअपनाहालथाइकमेहरबाँकेहोतेहुए
हमेंख़बरहैकोईहम-सफ़रथाफिरभी
यक़ींकीमंज़िलेंतयकींगुमाँकेहोतेहुए
वोबे-नियाज़हैंहममुस्तक़िलकहींरुके
किसीकेनक़्श-ए-क़दमआस्ताँकेहोतेहुए
हरएकरख़्त-ए-सफ़रकोउठाएफिरताथा
कोईमकींकहींथामकाँकेहोतेहुए
येसानेहाभीमिरेआँसुओंपेगुज़राहै
निगाहबोलतीथीतर्जुमाँकेहोतेहुए
हिदायतोंकाहैमोहताजनामा-बरकीतरह
फ़क़ीह-ए-शहरतिलिस्म-ए-बयाँकेहोतेहुए
अजीबनूरसेरिश्ताथानूरकाअख़्तर
कईचराग़जलेकहकशाँकेहोतेहुए
  - Akhtar Hoshiyarpuri
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