vo zindagi hai us ko KHafaa kya kare koi | वो ज़िंदगी है उस को ख़फ़ा क्या करे कोई

  - Akhtar Hoshiyarpuri
वोज़िंदगीहैउसकोख़फ़ाक्याकरेकोई
पानीकोसाहिलोंसेजुदाक्याकरेकोई
बारिशकापहलाक़तराहीबस्तीडुबोगया
अबअपनीजाँकाक़र्ज़अदाक्याकरेकोई
जबगर्दउड़रहीहोहरीम-ए-ख़यालमें
आईनादेखनेकेसिवाक्यागिरेकोई
वोक्यागएकिशहरहीवीरानहोगया
अबजंगलोंमेंरहकेसदाक्याकरेकोई
अपनेबदनकीआगसेशमएँजलाइए
कच्चेघरोंमेंजश्न-ए-हिनाक्याकरेकोई
ज़हराब-ए-ज़िंदगीतोरगोंमेंउतरगया
अबग़म-ए-फ़िराक़बताक्याकरेकोई
मिट्टीसेखेलताहुआरिज़्क़-ए-हवाहुआ
'अख़्तर'अबऔरशरह-ए-वफ़ाक्याकरेकोई
  - Akhtar Hoshiyarpuri
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