kya poochte ho mujh se ki main kis nagar ka tha | क्या पूछते हो मुझ से कि मैं किस नगर का था

  - Akhtar Hoshiyarpuri
क्यापूछतेहोमुझसेकिमैंकिसनगरकाथा
जलताहुआचराग़मिरीरह-गुज़रकाथा
हमजबसफ़रपेनिकलेथेतारोंकीछाँवथी
फिरअपनेहम-रिकाबउजालासहरकाथा
साहिलकीगीलीरेतनेबख़्शाथापैरहन
जैसेसमुंदरोंकासफ़रचश्म-ए-तरकाथा
चेहरेपेउड़तीगर्दथीबालोंमेंराखथी
शायदवोहम-सफ़रमिरेउजड़ेनगरकाथा
क्याचीख़तीहवाओंसेअहवालपूछता
सायाहीयादगारमिरेहम-सफ़रकाथा
यकसानियतथीकितनीहमारेवजूदमें
अपनाजोहालथावहीआलमभँवरकाथा
वोकौनथाजोलेकेमुझेघरसेचलपड़ा
सूरतख़िज़रकीथीवोचेहराख़िज़रकाथा
दहलीज़पारकरसकेऔरलौटआए
शायदमुसाफ़िरोंकोख़तरबाम-ओ-दरकाथा
कच्चेमकानजितनेथेबारिशमेंबहगए
वर्नाजोमेरादुखथावोदुखउम्रभरकाथा
मैंउसगलीसेकैसेगुज़रताझुकाकेसर
आख़िरकोयेमुआमलाभीसंग-ओ-सरकाथा
लोगोंनेख़ुदहीकाटदिएरास्तोंकेपेड़
'अख़्तर'बदलतीरुतमेंयेहासिलनज़रकाथा
  - Akhtar Hoshiyarpuri
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