जोमुझकोदेखकेकलरातरोपड़ाथाबहुत
वोमेराकुछभीनथाफिरभीआश्नाथाबहुत
मैंअबभीरातगएउसकीगूँजसुनताहूँ
वोहर्फ़कमथाबहुतकममगरसदाथाबहुत
ज़मींकेसीनेमेंसूरजकहाँसेउतरेहैं
फ़लकपेदूरकोईबैठासोचताथाबहुत
मुझेजोदेखातोकाग़ज़कोपुर्ज़ेपुर्ज़ेकिया
वोअपनीशक्लकेख़ाकेबनारहाथाबहुत
मैंअपनेहाथसेनिकलातोफिरकहींनमिला
ज़मानामेरेतआ'क़ुबमेंभीगयाथाबहुत
शिकस्त-ओ-रेख़्तबदनकीअबअपनेबसमेंनहीं
उसेबताऊँकिवोरम्ज़-आशनाथाबहुत
बिसातउसनेउलटदीनजानेसोचकेक्या
अभीतोलोगोंमेंजीनेकाहौसलाथाबहुत
अजबशरीक-ए-सफ़रथाकिजबपड़ावकिया
वोमेरेपासनठहरामगररुकाथाबहुत
सहरकेचाक-ए-गरेबाँकोदेखनेकेलिए
वोशख़्ससुब्हतलकशबकोजागताथाबहुत
वोकम-सुख़नथामगरऐसाकम-सुख़नभीनथा
किसचहीबोलताथाजबभीबोलताथाबहुत
हवाकेलम्ससेचेहरेपेफूलखिलतेथे
वोचाँदनीसाबदनमौजा-ए-सबाथाबहुत
पस-ए-दरीचादोआँखेंचमकतीरहतीथीं
किउसकोनींदमेंचलनेकाआरिज़ाथाबहुत
कहानियोंकीफ़ज़ाभीउसेथीरास'अख़्तर'
हक़ीक़तोंसेभीओहदा-बर-आहुआथाबहुत