dast-dar-dast aks-e-dar hai yahaañ | दश्त-दर-दश्त अक्स-ए-दर है यहाँ

  - Akhtar Hoshiyarpuri
दश्त-दर-दश्तअक्स-ए-दरहैयहाँ
तुमभीआओकिमेराघरहैयहाँ
फैलतीजारहीहैसुर्ख़लकीर
जैसेकोईलहूमेंतरहैयहाँ
धूपसेबचकेजाएँऔरकहाँ
अपनीज़ातइकघनाशजरहैयहाँ
वहीमिट्टीहैसबकेचेहरोंपर
आइनासबसेबा-ख़बरहैयहाँ
शाख़-दर-शाख़एकसायाहै
चाँदजोहैपस-ए-शजरहैयहाँ
डूबकरजिसमेंअपनीथाहमिली
लम्हालम्हावहीभँवरहैयहाँ
पत्थरोंमेंहज़ारचेहरेहैं
हाँमगरकोईतीशा-गरहैयहाँ
कुछमुझेभीयहाँक़रारनहीं
कुछतिराग़मभीदर-ब-दरहैयहाँ
ज़हरकीकाटकिससेहो'अख़्तर'
वक़्तकामर्ग-ए-नेश्तरहैयहाँ
  - Akhtar Hoshiyarpuri
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