vo rang-e-tamanna hai ki sad-rang hua hooñ | वो रंग-ए-तमन्ना है कि सद-रंग हुआ हूँ

  - Akhtar Hoshiyarpuri
वोरंग-ए-तमन्नाहैकिसद-रंगहुआहूँ
देखोतोनज़रहूँजोदेखोतोसदाहूँ
याइतनासुबुकथाकिहवालेउड़ीमुझको
याइतनागिराँहूँकिसर-ए-राहपड़ाहूँ
चेहरेपेउजालाथागरेबाँमेंसहरथी
वोशख़्सअजबथाजिसेरस्तेमेंमिलाहूँ
कबधूपचलीशामढलीकिसकोख़बरहै
इकउम्रसेमैंअपनेहीसाएमेंखड़ाहूँ
जबआँधियाँआईहैंतोमैंनिकलाघरसे
पत्तोंकेतआक़ुबमेंमगरदौड़पड़ाहूँ
  - Akhtar Hoshiyarpuri
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy