ham akshar teergii men apne peeche chhup ga.e hain | हम अक्सर तीरगी में अपने पीछे छुप गए हैं

  - Akhtar Hoshiyarpuri
हमअक्सरतीरगीमेंअपनेपीछेछुपगएहैं
मगरजबरास्तोंमेंचाँदउभराचलपड़ेहैं
ज़मानाअपनीउर्यानीपेख़ूँरोएगाकबतक
हमेंदेखोकिअपनेआपकोओढ़ेहुएहैं
मिराबिस्तरकिसीफ़ुट-पाथपरजाकरलगादो
मिरेबच्चेअभीसेमुझसेतरकामाँगतेहैं
बुलंदआवाज़देकरदेखलोकोईतोहोगा
जोगलियाँसोगईहैंतोपरिंदेजागतेहैं
कोईतफ़्सीलहमसेपूछनाहोपूछलीजे
किहमभीआईनेकेसामनेबरसोंरहेहैं
अभीदास्ताँ-गोदास्ताँकहताचलाजा
अभीहमजागतेहैंजुम्बिश-ए-लबदेखतेहैं
हवाअपनेहीझोंकोंकातआक़ुबकररहीहै
किउड़तेपत्तेफिरआँखोंसेओझलहोरहेहैं
हमेंभीइसकहानीकाकोईकिरदारसमझो
किजिसमेंलबपेमोहरेंहैंदरीचेबोलतेहैं
इधरसेपानियोंकारेलाकबकाजाचुकाहै
मगरबच्चेदरख़्तोंसेअभीचिमटेहुएहैं
मुझेतोचलतेरहनाहैकिसीजानिबभीजाऊँ
कि'अख़्तर'मेरेक़दमोंमेंअभीतकरास्तेहैं
  - Akhtar Hoshiyarpuri
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