hareef-e-daastaan karna pada hai | हरीफ़-ए-दास्ताँ करना पड़ा है

  - Akhtar Hoshiyarpuri
हरीफ़-ए-दास्ताँकरनापड़ाहै
ज़मींकोआसमाँकरनापड़ाहै
निकलकरगएहैंजंगलोंमें
मकाँकोला-मकाँकरनापड़ाहै
सवानेज़ेपेसूरजगयाथा
लहूकोसाएबाँकरनापड़ाहै
बहुततारीकथींहस्तीकीराहें
बदनकोकहकशाँकरनापड़ाहै
किसेमालूमलम्सउनउँगलियोंका
हवाकोराज़-दाँकरनापड़ाहै
वोशायदकोईसच्चीबातकहदे
उसेफिरबद-गुमाँकरनापड़ाहै
मैंअपनेसारेपत्तेफ़ाशकरता
मगरऐसाकहाँकरनापड़ाहै
सफ़रआसाँनहींहरफ़क़लमका
हमेंतयहफ़्त-ख़्वाँकरनापड़ाहै
थाजिससेइख़्तिलाफ़-ए-रायमुमकिन
उसीकोमेहरबाँकरनापड़ाहै
सफ़-ए-आदामेंअपनेबाज़ुओंको
मुझे'अख़्तर'कमाँकरनापड़ाहै
  - Akhtar Hoshiyarpuri
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