teergii ho ki ho tanveer lahu maangegi | तीरगी हो कि हो तनवीर लहू मांगेगी

  - Akhtar Gwaliori
तीरगीहोकिहोतनवीरलहूमांगेगी
हरनएदौरकीता'मीरलहूमांगेगी
इससेअच्छाहैकिख़्वाबोंकाभरोसाकरो
ख़्वाबदेखोगेतोता'बीरलहूमांगेगी
दश्त-ए-वहशतमेंतोउसवक़्तमज़ाआएगा
जबमिरेपाँवकीज़ंजीरलहूमांगेगी
तुममिरेसामनेअबजंगकीबातेंकरो
न्यामसेनिकलीतोशमशीरलहूमांगेगी
मैंयेहीसोचतारहताहूँशब-ओ-रोज़'अख़्तर'
कबतलकवादी-ए-कश्मीरलहूमांगेगी
  - Akhtar Gwaliori
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