फूलजलतेहैंकहींबर्ग-ओ-समरजलतेहैं
फ़स्ल-ए-गुलआईहैबाग़ोंमेंशजरजलतेहैं
अल्लहअल्लाहजबीन-ए-रुख़-ए-जानाँकीतपिश
ऐसालगताहैकिअबशम्स-ओ-क़मरजलतेहैं
क्याग़ज़बहैकितिरेशहरमेंऐजान-ए-ग़ज़ल
जिस्म-ओ-जाँज़ेहन-ओ-नज़रक़ल्ब-ओ-जिगरजलतेहैं
जिसतरफ़देखिएइकआगकादरियाहैरवाँ
रास्तेख़ूनमेंडूबेहैंनगरजलतेहैं
बुझचुकाहूँमैंमगरअबभीमिरेनक़्श-ए-क़दम
देखलोजाकेसर-ए-राहगुज़रजलतेहैं
जिनकेसीनोंमेंफ़रोज़ाँहैवफ़ाकीशमएँ
रोज़-ओ-शबजलतेहैंवोशाम-ओ-सहरजलतेहैं
आपजिसशहरकोपुर-अम्नसमझतेहैंहुज़ूर
वाक़िआ'येहैउसीशहरमेंघरजलतेहैं
दफ़अ'तननींदसेमैंचौंकउठाऐ'अख़्तर'
मैंनेजबख़्वाबमेंदेखाकिहुनरजलतेहैं