हैरश्कक्यूँयेहमकोसर-ए-दारदेखकर
देनेहैंबादाज़र्फ़-ए-क़दह-ख़्वारदेखकर
ख़ुद-कर्दा-ए-अज़लसेतजल्ली-ए-तूरके
झपकेकीआँखक्यातिरीतलवारदेखकर
आसाँ-पसंदियोंसेहैंबेज़ारअहल-ए-इश्क़
छाँटायेमरहलाभीहैदुश्वारदेखकर
बनजाएगायेरिश्ता-ए-तस्बीहएकदिन
धोकानखाइयोकहींज़ुन्नारदेखकर
इसशान-ए-इम्तियाज़कोकिअहल-ए-तहाइफ़
मोमिनसमझरहेहैंहमेंख़्वारदेखकर
जिंस-ए-गिराँतोथीनहींकोईमगरयेजान
लाएहैंहमभीरौनक़-ए-बाज़ारदेखकर
तीर-ए-निगहनेकरदियादोनोंकाफ़ैसला
बाहमदिल-ओ-जिगरमेंयेतकरारदेखकर
येक्याकिसज्दा-गाहहैहरसंग-ए-आस्ताँ
घिसनाजबीनकोकोख़ाना-ए-ख़म्मारदेखकर
कुछभीतोज़ब्त-ए-गिर्यानशबनमसेहोसका
बुलबुलकोफ़स्ल-ए-गुलमेंगिरफ़्तारदेखकर
हमख़ासगान-ए-अहल-ए-नज़रऔरयेक़त्ल-ए-आम
जौर-ओ-सितमभीकरतूसितमगारदेखकर
हरसीनाआजहैतिरेपैकाँकामुंतज़िर
होइंतिख़ाबऐनिगह-ए-यारदेखकर