laakh harbe sahi har waz'a ke shaitaan ke paas | लाख हरबे सही हर वज़्अ के शैतान के पास

  - Akhtar Bastavi
लाखहरबेसहीहरवज़्अकेशैतानकेपास
ढालईमानकीमौजूदहोइंसानकेपास
मुल्कसमझोउसेपामालबजाहैइकदीन
अबतोबसइकयहीदौलतहैमुसलमानकेपास
लगतेहीतीरतुम्हारागईयूँँजाननिकल
बैठकरजातीघड़ीदोघड़ीमेहमानकेपास
आदमियतहीतोबुनियादहैहरख़ूबीकी
होयेभीतोधराक्याहैफिरइंसानकेपास
सोहबतयारहैदिलतुझेघरबैठेनसीब
फिरतिराकामहैक्याहाजिब-ए-दरबानकेपास
ख़्वाहिशेंनफ़्सकीकरतेतोहोपूरीलेकिन
इससेबेहतरनहींआलाकोईशैतानकेपास
हमनेदिलभरकेकुछइसतरहनिकालेअरमाँ
किफटकतानहींदिलजाकेअबअरमानकेपास
मतसमझनाइन्हेंकम-मायाग़नीहैंयेलोग
कंज़-ए-मख़्फ़ीहैहरइकसाहिब-ए-ईमानकेपास
जुब्बा-साईकीभीकुछहोगीतुम्हींकोउम्मीद
गालियाँखातेहोजाजाकेदरबानकेपास
  - Akhtar Bastavi
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