taaron ki utarti hai doli aur chaandni dulhan hoti hai | तारों की उतरती है डोली और चाँदनी दुल्हन होती है

  - Akhtar Azad
तारोंकीउतरतीहैडोलीऔरचाँदनीदुल्हनहोतीहै
जिसरातमेंदोदिलमिलतेहैंवोरातसुहागनहोतीहै
जबदिलसेदिलमिलजातेहैंतोक्याक्यागुलखिलजातेहैं
कुछग़ैरगलेलगजातेहैंकुछअपनोंसेअन-बनहोतीहै
जलतेहैंजहाँवालेलोजलेंहमराह-ए-वफ़ामेंसाथचलें
दुनियाकोछोड़ोदुनियातोदिलवालोंकीदुश्मनहोतीहै
सूरतमिरीआँखोंमेंदेखोक्यादेखरहेहोआईना
जिसआँखमेंकोईबसजाएवोआँखभीदर्पनहोतीहै
बसउनकेलिएहीरातऔरदिनदिलमेराधड़कताहैलेकिन
जबसामनेवोजातेहैंतेज़औरभीधड़कनहोतीहै
तुमबिनयेबहारोंकामौसमलगताहैमुझेपतझड़कीतरह
तुमसाथरहोतोहरइकरुतमेरेलिएसावनहोतीहै
तस्वीरहोतेरीजबदिलमेंग़मदिलकेक़रीबआएकैसे
मैंयादतुझेकरलेताहूँजबकोईभीउलझनहुईहै
निखरेतोबनेइकताज-महलफैलेतोख़ुश्बूऔरग़ज़ल
लेकिनजोसिमटतीहैचाहतमहबूबकादामनहोतीहै
  - Akhtar Azad
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