na jaane qafile poshida kis ghubaar men hain | न जाने क़ाफ़िले पोशीदा किस ग़ुबार में हैं

  - Akhtar Ansari Akbarabadi
जानेक़ाफ़िलेपोशीदाकिसग़ुबारमेंहैं
किमंज़िलोंकेचराग़अबतकइंतिज़ारमेंहैं
बचाबचाकेगुज़रनाहैदामन-ए-हस्ती
शरीक-ए-ख़ारभीकुछजश्न-ए-नौ-बहारमेंहैं
किसीजदीदतलातुमकाइंतिज़ारहो
सुनातोहैकिसफ़ीनेअभीक़रारमेंहैं
पुकारतेहैंकिदौड़ोगुज़रजाएयेदौर
चराग़बुझतेहुएसेजोरहगुज़ारमेंहैं
अभीतोदूरहैमंज़िलयेक़ाफ़िलोंकेहुजूम
अभीतोमरहला-ए-जब्र-ओ-इख़्तियारमेंहैं
अभीबहारनेसीखीकहाँहैदिल-जूई
हज़ारदाग़अभीक़ल्ब-ए-लाला-ज़ारमेंहैं
निखरनिखरकेजोमस्मूमकररहेहैंफ़ज़ा
कुछऐसेफूलभी'अख़्तर'नईबहारमेंहैं
  - Akhtar Ansari Akbarabadi
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