door tak raushni hai ghaur se dekh | दूर तक रौशनी है ग़ौर से देख

  - Akhtar Ansari Akbarabadi
दूरतकरौशनीहैग़ौरसेदेख
मौतभीज़िंदगीहैग़ौरसेदेख
उनचराग़ोंकेबा'ददुनिया
किसक़दरतीरगीहैग़ौरसेदेख
रहनुमाओंकाजज़्बा-ए-ईसार
येभीइकरहज़नीहैग़ौरसेदेख
दुश्मनीकोबुराकहदोस्त
देखक्यादोस्तीहैग़ौरसेदेख
तर्क-ए-तदबीर-ओ-जुस्तुजूकेबा'द
ज़िंदगीज़िंदगीहैग़ौरसेदेख
गरयेशबनमकारंगलायाहै
हरतरफ़ताज़गीहैग़ौरसेदेख
हैंतहय्युरमेंवोभी'अख़्तर'
क्यातिरीशाइ'रीहैग़ौरसेदेख
  - Akhtar Ansari Akbarabadi
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