yahaañ bhi tu hai vahaañ bhi tu hai kahaan nahin hai kidhar nahin haina phir bhi dekhe jo teraa jalwa vo shaKHs ahl-e-nazar nahin hai | यहाँ भी तू है वहाँ भी तू है कहाँ नहीं है किधर नहीं है

  - Akhlaque Bandvi
यहाँभीतूहैवहाँभीतूहैकहाँनहींहैकिधरनहींहै
फिरभीदेखेजोतेराजल्वावोशख़्सअहल-ए-नज़रनहींहै
वोकअ'र-ए-दरियाहोयाकिनाराहरएकजामैंनेछानमारा
मिज़ापेलर्ज़ांसरिश्कजैसाकहींभीकोईगुहरनहींहै
बदनअगरचेजवाँजवाँहैरगोंकेअंदरलहूरवाँहै
फ़ुज़ूलसबहैजोबहर-ए-दिलमेंज़ुहूर-ए-मद्द-ओ-जज़रनहींहै
हुज़ूरचलिएसँभलसँभलकेक़दमज़राऔरहल्केहल्के
ख़यालरखिएयेमेरादिलहैयेआपकीरहगुज़रनहींहै
गईबहारोंकेरागछेड़ोख़िज़ाँरुतोंकीपरतउधेड़ो
तुम्हारीबज़्म-ए-तरबमेंसाक़ीअभीमिरीचश्म-ए-तरनहींहै
मैंअपनाहरकामअपनीहदमेंबड़ेतयक़्क़ुनसेकररहाहूँ
मिरीलुग़तकेकिसीवरक़परअगरनहींहैमगरनहीं
अभीतलकउसकेरू-ए-ज़ेबापेमेरीनज़रेंटिकीहुईहैं
उसेभीहैयेगुमान-ए-ग़ालिबकिआइनेकोख़बरनहींहै
जोबद-चलनथाज़मानेभरकावहीफ़ज़ीलत-मआ'बठहरा
उसीकोदस्तारदीगईहैकिजिसकेशानेपेसरनहींहै
कभीजोघरसेसफ़रपेनिकलोयेबातक़िर्तास-ए-दिलपेलिखलो
किहरशरीक-ए-सफ़रहमाराहक़ीक़तनहम-सफ़रनहींहै
इसीमें'अख़लाक़'उम्रभरकीमसाफ़तोंकाहैराज़पिन्हाँ
येएकलम्हाजोवस्लकाहैयेसाअ'त-ए-मुख़्तसरनहींहै
  - Akhlaque Bandvi
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