rakhen har baat men ham saaf niyyat | रखें हर बात में हम साफ़ निय्यत

  - Akbar Sharid
रखेंहरबातमेंहमसाफ़निय्यत
घरोंमेंआएगीतबजाकेबरकत
इबादतहैयक़ीननयेइबादत
ख़ुदाकेबंदोंसेकरनामोहब्बत
हमारेनौजवानोंकोअताकर
ख़ुदायाजज़्बा-ए-शौक़-ए-शहादत
मुनाफ़िक़दोस्तोंकेदरमियाँहूँ
मिरेमालिकमिरीकरनाहिफ़ाज़त
नहींतालिबकिसीमंसबका'शारिद'
कोईआरज़ू-ए-इज़्ज़-ओ-शोहरत
  - Akbar Sharid
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy