ranj nahin koi bhi agar main toota hooñ | रंज नहीं कोई भी अगर मैं टूटा हूँ

  - Akbar Sharid
रंजनहींकोईभीअगरमैंटूटाहूँ
बीवीबच्चेभाईबहनमेंबिखराहूँ
अंदरअंदरटूटरहाथारोज़वोशख़्स
कोईपूछेतोकहताथाअच्छाहूँ
रिंदोंसेभीरस्म-ओ-राहरहीअपनी
अहल-ए-वाराकीसोहबतमेंभीरहताहूँ
सच-मुचबेबसहैंयाबेहिसहैंहमसब
तुमभीसोचोमैंभीसोचाकरताहूँ
'शारिद'ऐसीबातहैआख़िरक्यामुझमें
आजभीउनआँखोंकामहवरहोताहै
  - Akbar Sharid
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