khushi ke mauqe par un ki kamii achchhii nahin lagti | ख़ुशी के मौक़े पर उन की कमी अच्छी नहीं लगती

  - Akbar Sharid
ख़ुशीकेमौक़ेपरउनकीकमीअच्छीनहींलगती
अज़ीज़ोंकेबिनाकोईख़ुशीअच्छीनहींलगती
अदावतदुश्मनीनफ़रतहसदइंसाँकीफ़ितरतहै
मगरशिद्दतकिसीभीबातकीअच्छीनहींलगती
किसीकेवास्तेजबबद-गुमानीदिलमेंजाए
तोअच्छीबातभीउसकीकभीअच्छीनहींलगती
सलीमुत्तबअ'फ़ितरतदीहैक़ुदरतनेजिन्हेंउनको
किसीबेबसकीआँखोंमेंनमीअच्छीनहींलगती
येकैसादौर-ए-बे-ए-कैफ़ीहै'शारिद'ज़िंदगानीका
कित्यौहारोंपेभीअबरौशनीअच्छीनहींलगती
  - Akbar Sharid
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