dil-e-maayus men vo shorishein barpa nahin hoti | दिल-ए-मायूस में वो शोरिशें बरपा नहीं होतीं

  - Akbar Allahabadi
दिल-ए-मायूसमेंवोशोरिशेंबरपानहींहोतीं
उमीदेंइसक़दरटूटींकिअबपैदानहींहोतीं
मिरीबेताबियाँभीजुज़्वहैंइकमेरीहस्तीकी
येज़ाहिरहैकिमौजेंख़ारिजअज़दरियानहींहोतीं
वहीपरियाँहैंअबभीराजाइन्दरकेअखाड़ेमें
मगरशहज़ादा-ए-गुलफ़ामपरशैदानहींहोतीं
यहाँकीऔरतोंकोइल्मकीपर्वानहींबे-शक
मगरयेशौहरोंसेअपनेबे-परवानहींहोतीं
तअ'ल्लुक़दिलकाक्याबाक़ीमैंरक्खूँबज़्म-ए-दुनियासे
वोदिलकशसूरतेंअबअंजुमन-आरानहींहोतीं
हुआहूँइसक़दरअफ़्सुर्दारंग-ए-बाग़-ए-हस्तीसे
हवाएँफ़स्ल-ए-गुलकीभीनशात-अफ़्ज़ानहींहोतीं
क़ज़ाकेसामनेबे-कारहोतेहैंहवासे'अकबर'
खुलीहोतीहैंगोआँखेंमगरबीनानहींहोतीं
  - Akbar Allahabadi
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