unhen nigaah hai apne jamaal hi ki taraf | उन्हें निगाह है अपने जमाल ही की तरफ़

  - Akbar Allahabadi
उन्हेंनिगाहहैअपनेजमालहीकीतरफ़
नज़रउठाकेनहींदेखतेकिसीकीतरफ़
तवज्जोहअपनीहोक्याफ़न्न-ए-शाइरीकीतरफ़
नज़रहरएककीजातीहैऐबहीकीतरफ़
लिखाहुआहैजोरोनामिरेमुक़द्दरमें
ख़यालतकनहींजाताकभीहँसीकीतरफ़
तुम्हारासायाभीजोलोगदेखलेतेहैं
वोआँखउठाकेनहींदेखतेपरीकीतरफ़
बलामेंफँसताहैदिलमुफ़्तजानजातीहै
ख़ुदाकिसीकोलेजाएउसगलीकीतरफ़
कभीजोहोतीहैतकरारग़ैरसेहमसे
तोदिलसेहोतेहोदर-पर्दातुमउसीकीतरफ़
निगाहपड़तीहैउनपरतमाममहफ़िलकी
वोआँखउठाकेनहींदेखतेकिसीकीतरफ़
निगाहउसबुत-ए-ख़ुद-बींकीहैमिरेदिलपर
आइनेकीतरफ़हैआरसीकीतरफ़
क़ुबूलकीजिएलिल्लाहतोहफ़ा-ए-दिलको
नज़रकीजिएइसकीशिकस्तगीकीतरफ़
यहीनज़रहैजोअबक़ातिल-ए-ज़मानाहुई
यहीनज़रहैकिउठतीथीकिसीकीतरफ़
ग़रीब-ख़ानामेंलिल्लाहदो-घड़ीबैठो
बहुतदिनोंमेंतुमआएहोइसगलीकीतरफ़
ज़रासीदेरहीहोजाएगीतोक्याहोगा
घड़ीघड़ीउठाओनज़रघड़ीकीतरफ़
जोघरमेंपूछेकोईख़ौफ़क्याहैकहदेना
चलेगएथेटहलतेहुएकिसीकीतरफ़
हज़ारजल्वा-ए-हुस्न-ए-बुताँहो'अकबर'
तुमअपनाध्यानलगाएरहोउसीकीतरफ़
  - Akbar Allahabadi
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