be-takalluf bosa-e-zulf-e-chaleepa leejie | बे-तकल्लुफ़ बोसा-ए-ज़ुल्फ़-ए-चलीपा लीजिए

  - Akbar Allahabadi
बे-तकल्लुफ़बोसा-ए-ज़ुल्फ़-ए-चलीपालीजिए
नक़्द-ए-दिलमौजूदहैफिरक्यूँँसौदालीजिए
दिलतोपहलेलेचुकेअबजानकेख़्वाहाँहैंआप
इसमेंभीमुझकोनहींइंकारअच्छालीजिए
पाँवपकड़करकहतीहैज़ंजीर-ए-ज़िंदाँमेंरहो
वहशत-ए-दिलकाहैईमाराह-ए-सहरालीजिए
ग़ैरकोतोकरकेज़िदकरतेहैंखानेमेंशरीक
मुझसेकहतेहैंअगरकुछभूकहोखालीजिए
ख़ुश-नुमाचीज़ेंहैंबाज़ार-ए-जहाँमेंबे-शुमार
एकनक़द-ए-दिलसेया-रबमोलक्याक्यालीजिए
कुश्ताआख़िरआतिश-ए-फ़ुर्क़तसेहोनाहैमुझे
औरचंदेसूरत-ए-सीमाबतड़पालीजिए
फ़स्ल-ए-गुलकेआतेही'अकबर'हुएबेहोशआप
खोलिएआँखोंकोसाहबजाम-ए-सहबालीजिए
  - Akbar Allahabadi
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