aañkhen nam hain soorat pe gham taari hai | आँखें नम हैं सूरत पे ग़म तारी है

  - Aisha Ayyub
आँखेंनमहैंसूरतपेग़मतारीहै
किसकोरुख़्सतकरनेकीतय्यारीहै
कौनतुम्हारेदुखमेंहिस्सा-दारबने
सबकाअपनादुखहैऔरवोजारीहै
मातमकरनेवालेलोगोंमेंदेखो
कितनाग़महैऔरकितनीग़म-ख़्वारीहै
सबकेइसमेंअपनेअपनेख़ानेहैं
ज़ेहनपुरानीयादोंकीअलमारीहै
रोदेनेमेंकितनीमेहनतलगतीहै
हँसदेनातोचेहरेकीफ़नकारीहै
आसानीसेअपनीबातेंकहदेना
येभीअच्छीख़ासीइकदुश्वारीहै
  - Aisha Ayyub
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy