KHaaksaari thii ki bin dekhe hi ham KHaak hue | ख़ाकसारी थी कि बिन देखे ही हम ख़ाक हुए

  - Ain Tabish
ख़ाकसारीथीकिबिनदेखेहीहमख़ाकहुए
औरकभीमारका-ए-फ़तह-ओ-ज़फ़रदेखपाए
उसनेदेखाहैतोफिरदेखनाक्याहोजाए
देखतेरहनाहैज़ालिमकोइधरदेखपाए
बे-हुनरदेखसकतेथेमगरदेखनेआए
देखसकतेथेमगरअहल-ए-हुनरदेखपाए
होगएख़्वाहिश-ए-नज़्ज़ारासेबे-ख़ुदइतने
देखनाचाहतेथेउसकोमगरदेखपाए
कबउसेलौटकेदेखेंगेयेदेखाजाए
हमनेदुनियातोबहुतदेखलीघरदेखपाए
लोगजबदेखनेपरआएतोइतनादेखा
आँखपथरागईऔरहद-ए-नज़रदेखपाए
वोभीक्यादेखनाथादेखनेवालेबोले
जल्वाहर-चंदरहापेश-ए-नज़रदेखपाए
दीपजलतेरहेताक़ोंमेंउजालाहुआ
आँखपाबंद-ए-तहय्युरथीउधरदेखपाए
येतयक़्क़ुननहींहोताथाकिधरदेखसके
येतअय्युननहींहोताथाकिधरदेखपाए
वोतग़ाफ़ुलथाकिउसनेहमेंदेखाहीनहीं
वोतसाहुलथाकिहमउसकीनज़रदेखपाए
इसक़दरतेज़चलीअबकेहवा-ए-ना-बूद
चाहकरशहर-ए-तमन्नाकाखंडरदेखपाए
यूँँहुआदिल-ज़दगाँलौटगएआख़िर-ए-शब
राततोजागकेकाटीथीसहरदेखपाए
किसनेदेखीहैउजालोंसेसुलगतीहुईरात
औरजोदेखसकेख़्वाब-ए-सहरदेखपाए
  - Ain Tabish
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