बज़्मख़ालीनहींमेहमाननिकलआतेहैं
कुछतोअफ़्सानेमिरीजाननिकलआतेहैं
रोज़इकमर्गकाआलमभीगुज़रताहैयहाँ
रोज़जीनेकेभीसामाननिकलआतेहैं
सोचताहूँपर-ए-परवाज़समेटूँलेकिन
कितनेभूलेहुएपैमाननिकलआतेहैं
यादकेसोएहुएक़ाफ़िलेजागउठतेहैं
ख़्वाबकेकुछनएउनवाननिकलआतेहैं
बैठनाचाहतीहैथककेजोवहशतअपनी
कितनेहीदश्त-ओ-बयाबाननिकलआतेहैं
इस्तिआरेहैंजोआँखोंसेछलकपड़तेहैं
कितनेहीअश्ककेदीवाननिकलआतेहैं
इकज़राचैनभीलेतेनहीं'ताबिश'-साहब
मुल्क-ए-ग़मसेनएफ़रमाननिकलआतेहैं