ग़ुबार-ए-जहाँमेंछुपेबा-कमालोंकीसफ़देखताहूँ
मैंअहद-ए-गुज़िश्ताकेआशुफ़्तगाँकीतरफ़देखताहूँ
मैंसरकोछुपानेसेपहलेजहाँकाहदफ़देखताहूँ
महकतेहुएनेकफूलोंकोख़ंजर-ब-कफ़देखताहूँ
हैअंदरतलकएकनेज़ागुलूमैंकार-ए-वज़ूमें
तोइसहावमेंमैंकहाँपरहूँकिसकीतरफ़देखताहूँ
ज़मानेकीघातेंकिताबोंकीबातोंकोझुटलारहीहैं
मैंहैरतकामारातमाशाई-ए-इज़ओशरफ़देखताहूँ
पनहमिलनपाईख़याल-ए-ख़ुदामेंजमाल-ए-ख़ुदीमें
मैंइसबेबसीमेंपरेशानसू-ए-नजफ़देखताहूँ