chaar soo intishaar hai kya hai | चार सू इंतिशार है क्या है

  - Aijaz Asad
चारसूइंतिशारहैक्याहै
येख़िज़ाँहैबहारहैक्याहै
सबकोमश्कूकतुमसमझतेहो
ख़ुदपेभीए'तिबारहैक्याहै
सवानेज़ेपेचाहिएसूरज
जिस्ममेंबर्फ़-ज़ारहेक्याहै
मुझकोमंज़िलनज़रनहींआती
दूरतकरहगुज़ारहैक्याहै
कोईआहटतलकनहींहोती
मेरेअंदरमज़ारहैक्याहै
एकपलभीनहींमिराअपना
ज़िंदगानीउधारहैक्याहै
मेरेहमदमज़राबतामुझको
येजवानीख़ुमारहैक्याहै
हैजोमुझसे'असद'गुरेज़ाँसा
मस्लहतकाशिकारहैक्याहै
  - Aijaz Asad
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