mirii tum se shanaasaai bahut hai | मिरी तुम से शनासाई बहुत है

  - Aijaz Asad
मिरीतुमसेशनासाईबहुतहै
मगरएहसास-ए-तन्हाईबहुतहै
बिखरजाऊँतोख़ुदहीहैसिमटना
कियेदुनियातमाशाईबहुतहै
मुझेग़र्क़ाबहोजानेकाहैडर
सराब-ए-दश्तदरियाईबहुतहै
चलोअबसचभीकहकरदेखतेहैं
यहाँशोर-ए-पज़ीराईबहुतहै
नहींवुसअततिरेदरिया-ए-दिलमें
मगरआँखोंमेंगहराईबहुतहै
यहाँसेकूचकरनाहीपड़ेगा
तिरेकूचेमेंरुस्वाईबहुतहै
'असद'मुश्किलसेघबरातानहींहूँ
दिमाग़-ओ-दिलमेंयकताईबहुतहै
  - Aijaz Asad
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