deewaar-e-takalluf hai to mismar karo nagar us se mohabbat hai to izhaar karo na | दीवार-ए-तकल्लुफ़ है तो मिस्मार करो ना

  - Aijaz Asad
दीवार-ए-तकल्लुफ़हैतोमिस्मारकरोना
गरउससेमोहब्बतहैतोइज़हारकरोना
मुमकिनहैतुम्हारेलिएहोजाऊँमैंआसाँ
तुमख़ुदकोमिरेवास्तेदुश्वारकरोना
गरयादकरोगेतोचलाआऊँगाइकदिन
तुमदिलकीगुज़रगाहकोहमवारकरोना
बाहरकेमहाज़ोंकीतुम्हेंफ़त्हमुबारक
अबनफ़्सकेशैताँकोगिरफ़्तारकरोना
कहनाहैअगरकुछतोपस-ओ-पेशकरोमत
खुलकेकभीजज़्बातकाइज़हारकरोना
हररिश्ता-ए-जाँतोड़केआयाहूँयहाँतक
तुमभीमिरीख़ातिरकोईईसारकरोना
'एजाज़'तुम्हारेलिएसाहिलपेखड़ाहूँ
दरिया-ए-वफ़ामेरेलिएपारकरोना
  - Aijaz Asad
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy